युवा गेंदबाज
18 वर्षीय मीडियम पेसर ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 9.5 ओवर में 11 रन देकर 10 विकेट झटके। इस दौरान रैक्स ने 6 मेडेन ओवर भी फेंके। 10 में से 5 खिलाड़ी बोल्ड किया। रैक्स इस पारी में 3 बार हैट्रिक के करीब पहुंचकर चूक गए।
रैक्स के दम अरुणाचल की पूरी पारी महज 36 रन पर ही सिमट गई। अरुणाचल की पहली पारी में भी रैक्स ने 10.5 ओवर में 33 रन देकर 5 विकेट झटके थे। इस मुकाबले को मणिपुर ने 10 विकेट से अपने नाम किया।
कूच-बिहार ट्रॉफी (अंडर-19) में मणिपुर के रैक्स राजकुमार सिंह ने एक पारी में 10 विकेट चटकाकर क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है।
नवंबर 2018 में सीके नायुडू ट्रॉफी (अंडर-23) में पुडुचेरी के स्पिनर सिदाक सिंह ने मणिपुर के खिलाफ 17.5 ओवर में 31 रन देकर 10 विकेट झटकाए थे। इस दौरान सिंह ने 7 मेडेन ओवर भी निकाले थे।
साल 1999 में कोटला टेस्ट में भारत के खिलाफ 420 के बड़े स्कोर को हासिल करने के लिए जब पाकिस्तान की टीम मैदान में उतरी तब अनिल कुंबले ने टीम की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। 101 रन बनाते तक पाकिस्तान की टीम का एक भी विकेट नहीं गिरा था, तब लग रहा था कि पाकिस्तानी टीम शायद 420 का आंकड़ा पा लेगी।
पाकिस्तान को भी यही उम्मीद थी, लेकिन अनिल कुंबले ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरते हुए 101 के स्कोर पर पहला विकेट चटकाते हुए भारत का खाता खोला। कुंबले ने पड़ोसी देश का पहला विकेट सईद अनवर को आउट किया।
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उसके बाद पाकिस्तानी टीम काफी मशक्कत के बाद भी टिक नहीं सकी। पूरी पाकिस्तानी टीम मिलकर मात्र 207 रन ही बना सकी और उनके दस विकेट झटक लिए गए। कुंबले ने एक के बाद एक सभी दस विकेट झटके थे। हालांकि कुंबले से पहले ये कमाल इंग्लैंड के जिम लेकर भी कर चुके थे।

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