कैथलिक स्‍कूल
अमेरिका. मीडिया रिपोर्ट्स में बैंक रिकॉर्ड्स के आधार पर बताया गया कि सिस्टर मैरी मार्गरेट रेपर और सिस्टर लाना लैंग स्कूल में रहकर बीते 10 सालों से गबन कर रही थीं। रेपर इस साल की शुरुआत में स्कूल के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुई थी। उसी के पास सभी ट्यूशन चेक और फीस को संभालने का जिम्मा था। वहीं, चैंग स्कूल में शिक्षिका थी।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित टॉरैंस शहर में सेंट जेम्स कैथलिक स्कूल की दो ननों पर ट्यूशन फीस और डोनेशन से तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपए चुराने का आरोप लगा है। अधिकारियों और अभिभावकों ने ‘लॉन्ग बीच प्रेस टेलीग्राम’ को बताया, दोनों ननों ने यह रकम घूमने-फिरने और कसीनो में जुआ खेलने पर लुटाई, जबकि वे अभिभावकों को झांसा देती थीं कि स्कूल की आर्थिक हालात बेहद खस्ता है।
आरोप है कि उसने कुछ चेकें चुराकर उन्हें गुप्त खाते में लगाया और रकम भुनाई थी। इन गुप्त खातों में बारे में सिर्फ उसे और चैंग को मालूम था। जांचकर्ताओं ने पाया कि उन दोनों ने चोरी की पूरी रकम में से कुछ स्कूल को वापस कर दी थी, जबकि बाकी पैसों को उन्होंने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया था।
स्कूल फीस और डोनेशन में इस घपले का रहस्योदघाटन पिछले हफ्ते तब हुआ, जब गिरजाघर के छोटे के-8 स्कूल ने जानकारी दी कि दोनों नन इस साल की शुरुआत में सेवानिवृत्त हो गई थीं और उन्होंने स्कूल के फंड्स का गलत इस्तेमाल किया। दरअसल, रेपर के सेवानिृत्त होने से पहले स्कूल के खातों की ऑडिट हुई थी।
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उसी दौरान पता लगा कि एक चेक स्कूल के खाते के बजाय दूसरे बैंक खाते में लगाया गया है। गड़बड़ी के शक पर आर्चडिओसेसे (प्रधान पादरी का क्षेत्राधिकार) ने मामले की जांच-पड़ताल कराई, जिसके बाद सच सामने आ सका।

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