कैप्टन अमरिंदर
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के हवाले से एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है और इसलिए हम सभी को उसकी पहल से सावधान रहना चाहिए।
सिद्धू के मामले पर उन्होंने कहा कि इसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया और जो इस मुद्दे को उठा रहे हैं वे यह साबित करने में असफल रहे कि यह आईएसआई का गेम प्लान है।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार (09 दिसंबर) को दावा किया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इमरान खान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने से पहले ही उनकी कैबिनेट के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के सामने करतारपुर गलियारा खोले जाने की खबरों का खुलासा कर दिया था।
अमरिंदर ने इस पूरे मामले को पाकिस्तानी सेना द्वारा रची गई एक ‘‘बड़ी साजिश’’ करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘करतारपुर गलियारा स्पष्ट रूप से आईएसआई का एक गेम प्लान है।’’ उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ रची गई एक बड़ी साजिश नजर आती है।
मुख्यमंत्री ने सिद्धू के साथ अपने रिश्तों को ले कर अवांछित विवाद खड़ा करने पर अकाली दल और भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व पर हमला किया। अमरिंदर ने कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा खोले जाने की मांग विभाजन के बाद से लंबित थी क्योंकि
पवित्र सिख धार्मिक स्थल (श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब) पाकिस्तान में रह गये थे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और डा. मनमोहन सिंह ने करतारपुर गलियारा खोले जाने के मुद्दे को पाकिस्तान के समक्ष उठाया था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद भी मुख्यमंत्री के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान पाकिस्तानी पंजाब के तत्कालीन अपने समकक्ष परवेज इलाही और उस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे परवेज मुशर्रफ के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था।
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करतारपुर साहिब गलियारे के आधारशिला कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान नहीं जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने जाने से इनकार कर दिया क्योंकि वह ऐसे समय में वहां जाने के बारे में नहीं सोच सकते थे जब पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैनिकों और नागरिकों को मारा जा रहा है।

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