ममता बनर्जी
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने आरोप लगाया,‘‘मोदी सरकार ने देश के विभिन्न संस्थानों को नष्ट कर दिया है। इसकी सबसे बड़ी मार केन्द्रीय मंत्रिमंडल पर पड़ी है।’’ अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त और विदेश मंत्रालयों का कामकाज संभालने वाले सिन्हा ने कहा,‘‘मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि
मंत्रिमंडल को सूचित किये बगैर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा रहे हैं।’’ सिन्हा ने कहा कि दूसरी सबसे बड़ी मार संसद पर पड़ी है क्योंकि मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के दौरान राज्यसभा को ‘‘कमजोर करने का प्रयास’’ किया है। भाजपा का संसद के ऊपरी सदन में बहुमत नहीं हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने रविवार (9 दिसंबर) को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल समेत देश के विभिन्न संस्थानों को नष्ट कर दिया है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित एक टॉक शो ‘आइडिया ऑफ बंगाल’ में सिन्हा ने कहा कि प्रमुख विधेयकों को पारित किये जाने के दौरान प्रधानमंत्री राज्यसभा को ‘‘कमजोर’’ किये जाने का प्रयास कर रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में प्रधानमंत्री बनने के सारे गुण मौजूद हैं।
सिन्हा ने कहा, “आगामी 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी दलों के प्रस्तावित गठबंधन को लेकर सभी चीजों का अभी आकार लेना बांकि है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी में एक बेहतर प्रधानमंत्री बनने के ‘‘सभी गुण’’ मौजूद है।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल और टीएमसी 2019 के आम चुनावों में नरेंद्र मोदी को पराजित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। पश्चिम बंगाल एक बड़ा राज्य है और यहां लोकसभा की सीटें भी काफी अधिक है, जो केंद्र में सरकार बनाने में अहम योगदान देती है। देश की राजनीति की दिशा तय करती है।
इस साल अप्रैल माह में भाजपा छोड़ने वाले सिन्हा ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “कोई भी वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। देश में कृषि संकट है। लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।” नोटबंदी को आपदा बताते हुए सिन्हा ने कहा कि
अपनी आर्थिक नीतियों की विफलता को छुपाने के लिए सरकार ने इकोनॉमिक ग्रोथ के आंकड़े को नए तरीके से दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “नोटबंदी एक मूखर्तापूर्ण और कठोर कदम था, जिससे देश की जनता को काफी कष्ट उठाना पड़ा। इसका कोई अच्छा नतीजा भी नहीं आया।”
यह पूछे जाने पर किया क्या वे आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे? सिन्हा ने चुनाव लड़ने की बात से पूरी तरह इंकार नहीं किया। उन्होंने कहा, “मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं है, लेकिन समय के अनुसार यदि कुछ ऐसा होता है तो उसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।”
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किसी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में अभियान की बात पर सिन्हा ने कहा, “यदि कोई मुझे वर्तमान सरकार के खिलाफ अभियान में शामिल होने के लिए कहेगा तो मैं ऐसा करूंगा।”

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