बैंक ऑफ इंडिया
कानपुर। विक्रम कोठारी ने कई साल पहले बैंक ऑफ इंडिया की बिरहाना रोड स्थित शाखा से चार कंपनियों के नाम से अलग-अलग ऋण लिया था।
यह ऋण रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड, कोठारी फूड एंड फ्रेगरेंस, रोटोमैक एक्सपोर्ट और क्राउन एल्वा के नाम से कर्ज लिया गया।
बॉल पेन रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी के तिलक नगर स्थित बंगले ‘संतुष्टि’ पर बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने कब्जा जमा लिया है। विक्रम पर बीओआई का 848 करोड़ रुपए का कर्ज है।
बैंक इस बंगले को नीलाम करेगी। 2902 वर्ग फिट में फैले इस बंगले की कीमत करीब 31 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। बीओआई के अलावा विक्रम कोठारी पर पांच अन्य बैंकों का करोड़ों रुपए कर्ज है। उनका बेटा राहुल कोठारी जमानत पर बाहर है, जबकि विक्रम जेल में हैं।
वर्ष 2015 में सभी ऋण खाते एनपीए होने के बाद बैंक ने कई नोटिस जारी किए, लेकिन न तो ऋण जमा किया गया, न ही नोटिस का जवाब दिया गया। बैंक की ओर से सरफेसी एक्ट के तहत
27 जुलाई 2016 को रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के नाम 848 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया गया था। तभी यह मामला देश के सामने आया। लेकिन ऋण की अदायगी नहीं हुई।

अब रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड ऋण खाते के नाम पर बंधक संपत्ति (मकान संख्या 7/23, तिलक नगर) को कब्जे में ले लिया। बैंक की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि वर्तमान में 848 करोड़ रुपये ऋण के अलावा 30 सितंबर 2015 से ब्याज एवं अन्य खर्च भी बकाया हैं।
19 फरवरी 2018 की रात सीबीआई ने विक्रम कोठारी के बंगले पर छापा मारा था। सीबीआई की यह पहली कार्रवाई लगभग 19 घंटे तक लगातार चली थी। विक्रम कोठारी ने बैंको से 3695 का कर्ज लिया था, सभी बैंको ने उन्हें नोटिस जारी किया था।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था सम्मानित
मूल रूम से गुजरात के रहने वाले विक्रम कोठारी पान पराग ब्रांड के संस्थापक मशहूर उद्योगपति मनसुख भाई कोठारी के बेटे हैं। पिता की मौत के बाद विक्रम ने स्टेशनरी बिजनेस को अपनाया,
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वहीं उनके भाई दीपक ने पान मसाला बिजनेस को आगे बढ़ाया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विक्रम को उनके प्रयास व कंपनी को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया था।

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