मॉब लिंचिंग
अखबार के कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, उत्तर प्रदेश में कोई कोई मॉब लिंचिंग नहीं है, बुलंदशहर की घटना केवल एक दुर्घटना है। जिले में हुई हिंसा को लेकर योगी आदित्यनाथ जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के परिजनों को मुआवजा के साथ एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान कर चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान आता है। हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के परिवार से मिलने के एक दिन बाद सीएम योगी ने जिले में हुई मॉब लिंचिंग को मानने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि, राज्य में कोई मॉब लिंचिंग नहीं है, बुलंदशहर की घटना केवल एक दुर्घटना है।
बता दें कि, बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी की अफवाह के बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया था। गाय के अवशेष मिलने की खबर पाते ही आस पास के गांव वाले और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए थे।
जिसके बाद सभी ट्रैक्टर पर अवशेषों को लादकर सड़क जाम करने का स्थानीय लोग दबाव बना रहे थे। लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से रोक दिया था। इसके बाद हिंसा फैल गई। हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और सुमित नाम का एक युवक की भी गोली लगने से मौत हो गई थी।
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बुलंदशहर हिंसा में पुलिस ने 27 लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज किए गए हैं। मामले में अभी तक चार गिरफ्तारियां हुई हैं। वहीं, 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुए हैं। इस घटना का मुख्य आरोपी बजरंग दल से जुड़ा योगेश राज बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि योगेश राज फरार है। बीते दिनों योगेश ने एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें वह खुद के बेकसूर होने की बात कह रहा था। मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेश टीम (एसआईटी) कर रही है।

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