रथ यात्रा
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल में ‘‘ यात्राएं ’’ निश्चित तौर पर निकालेगी और उसे ऐसा करने से ‘‘ कोई भी नहीं रोक सकता है।’’   कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले भाजपा को कूचबिहार में ‘‘ रथयात्रा ’’ निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था क्योंकि
राज्य सरकार ने ऐसा होने पर हिंसा का अंदेशा जताया था। शाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम निश्चित तौर पर यात्रााएं निकालेंगे और हमें कोई नहीं रोक सकता। पश्चिम बंगाल में बदलाव के प्रति भाजपा प्रतिबद्ध है। ‘यात्राएं’ रद्द नहीं, सिर्फ स्थगित हुई हैं।’’
 ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने आरोप लगाया कि देश में सर्वाधिक सियासी हत्याएं राज्य में हुई हैं।  उन्होंने कहा, ‘‘ पूरा पश्चिम बंगाल प्रशासन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है।’
बता दें कि भाजपा की पश्चिम बंगाल में 5 से 9 दिसंबर तक निकाली जानी है, जिसमें एक  ‘रथ-यात्रा’ का कार्यक्रम टाल दिया गया है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह शामिल होने वाले थे। पहले तीन ‘रथ-यात्राओं’ को 5, 7 और 9 दिसंबर को क्रमश:
बंगाल के मंदिर शहर तारापीठ, उत्तर बंगाल के कूच विहार और दक्षिण बंगाल के गंगासागर में आयोजित करने का फैसला किया गया था। यह रथयात्रा राज्य के सभी 42 लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और उसके बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह में कोलकाता में समाप्त होगी।
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा था “अमित शाह-जी पार्टी के तेलंगाना विधानसभा चुनाव अभियान में व्यस्त होंगे। इसलिए वह पांच दिसंबर को अनुपलब्ध होंगे। इसलिए तारापीठ में होनेवाली पांच दिसंबर की रथ-यात्रा को टाल दिया गया है और अब यह 14 दिसंबर को निकाली जाएगी।”

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