छत्‍तीसगढ़ में
इंडियन एक्सप्रेस के दिल्ली कॉन्फिडेंशियल में छपी खबर के मुताबिक मीटिंग में कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी उम्मीदवारों से काउंटिंग सेंटर में तब तक रहने को कहा जब तक जीत की पुष्टि ना हो जाए। खबर यह भी है कि मतदान के बाद AICC सचिव चंदन कुमार और अरुण ओरांव सभी उम्मीदवारों से मिले।
जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के अलावा पोलिंग एजेंटों से भी मुलाकात की गई। वहीं पोलिंग एजेंटों को काउंटिंग के दिन मानक ऑपरेटिंग प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, उनसे कड़ी निगाह रखने को कहा गया है।
गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर भाजपा की चतुरता के चलते वह दोनों राज्यों में सरकार नहीं बना सकी। अपनी पिछली भूल से सबक लेते हुए कांग्रेस छत्तीसगढ़ में बड़ी सावधानी से चाल चल रही है। इसी के चलते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में चोटी के नेताओं और AICC के कमेटी के इंचार्ज पीएल पुनिया के नेतृत्व में एक मीटिंग की।
छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम अगले सप्ताह आने वाले हैं। ऐसे में चुनाव परिणाम बाद कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को एक जगह रखने का भी फैसला लिया है। पार्टी को उम्मीद है कि राज्य में वह अपने दम पर सरकार बना लेगी लेकिन
फिर भी वह काफी सावधानी से चल रही है। वहीं AICC के कमेटी के इंचार्ज पीएल पुनिया ने मीटिंग नेताओं को बताया कि उनकी पार्टी राज्य में करीब पचास सीटें जीतेगी। कांग्रेस छत्तीसगढ़ में भाजपा से लगातार तीन विधानसभा चुनाव हारी है।
गौरतब है कि इससे पहले राज्य में चुनाव ड्यूटी के दौरान शासकीय कर्मचारियों और जवानों को डाक मतपत्र की सुविधा नहीं मिलने की शिकायत कांग्रेस चुनाव आयोग से की थी। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत भगत ने बताया कि
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की ड्यूटी में लगे शासकीय कर्मचारी और पुलिस जवान जो आदिवासी व सुदूर अंचल के 85 विकासखंडों में निर्वाचन ड्यूटी में लगाए गए, उन कर्मचारियों और पुलिस के जवानों के लिए डाक मतपत्र की व्यवस्था नहीं की गई, जिस कारण वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाए।

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