योगी आदित्यनाथ
भाजपा के फायरब्रांड स्टार प्रचारक ने अपने बयान से हुए विवाद पर सफाई देकर उसे खत्म करने का प्रयास किया। प्रयागराज में हुए कार्यक्रम में योगी ने बयान का जिक्र किए बिना ही सफाई दी। वे यहां अचानक हनुमान मंदिर के एक कार्यक्रम में पहुंचे, पूजा-अर्चना की और प्रसाद भी ग्रहण किया।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान अपने ‘दलित हनुमान’ वाले बयान पर मचे हंगामे के बाद आखिरकार योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ दी।
योगी ने कहा कि उनकी एक बात को लेकर बेवजह तूल दिया जा रहा है। लोग उस बयान के बाल की खाल निकाल रहे हैं जिसका कोई मतलब नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि किसी के काम पर अंगुली उठाना आसान होता है, लेकिन अगर दूसरों पर अंगुली उठाने के बजाय हर कोई अपनी जिम्मेदारी निभाने लगे तो यह धरती दिव्य लोक बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के अलवर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी चौपाइयों के जरिये प्रत्याशी के समर्थन में वोट डालने की अपील कर रहे थे। इसी दौरान ने उन्होंने भगवान हनुमान पर एक बयान देते हुए कहा, ‘एक ऐसे लोक देवता हैं जो
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अब स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। पूरे भारतीय समाज को उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं। इसलिए बजरंग बली का संकल्प होना चाहिए।’ योगी के इस बयान के बाद उनके अपने ही कहीं न कहीं विरोध करते नजर आए।

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