कर्जमाफी
नई दिल्ली। देशभर के संगठनों से जुड़े किसान जो कर्जमाफी और फसलों की कीमतों समेत कई मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका काफिला बिजवासन से रामलीला मैदान की ओर बढ़ रहा है।
30 नवंबर को रामलीला मैदान से संसद भवन तक मार्च निकाला जाएगा, धरना दिया जाएगा। इसमें भाजपा को छोड़कर अन्य कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल होंगे।
ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने दावा किया कि यह देश में हुए सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक होगा।
समिति के संयोजक हन्नान मोल्लाह ने बताया कि मार्च और धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीण इलाके से आने वाले प्रमुख गायक और कवि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की समस्याएं रखेंगे।

इतिहास में पहला मौका, 207 किसान संगठन एकसाथ प्रदर्शन करेंगे
मोल्लाह ने कहा कि इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में देश के 207 छोटे-बड़े किसान संगठन शामिल हैं। यह भारत के इतिहास में पहला मौका होगा, जब 200 से ज्यादा किसान संगठन एक बैनर के तले विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए आंध्रप्रदेश, केरल और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों के अलावा सभी विपक्षी पार्टियों के बड़े नेताओं को बुलाया गया है।
जय किसान आंदोलन के योगेंद्र यादव ने कहा कि यह हमारे लिए अच्छा मौका है।
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हम सरकार को किसानों की समस्याएं सुनने के लिए संसद में विशेष सत्र बुलाने के लिए मजबूर करेंगे। उन्होंने बताया

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