शुजात बुखारी
मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तानी आतंकी नवीद जट सहित दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। नवीद जट वह आतंकी है, जो पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या में आरोपी था। मुठभेड़ के बाद एहतियाती तौर पर प्रशासन ने बड़गाम में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले में बुधवार (28 नवंबर) को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद आज सुबह सुरक्षा बलों बड़गाम के कठपोरा इलाके में तलाशी और घेराबंदी अभियान चलाया था। इसी दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने इसका जवाब दिया जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार और अंग्रेजी दैनिक ‘राइजिंग कश्मीर’ के प्रधान संपादक शुजात बुखारी की उनके कार्यालय के बाहर बीते 14 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जांच के क्रम में पुलिस ने बताया था कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकी नावेद जाट ने दो स्थानीय आतंकियों के साथ मिलकर शुजात बुखारी की हत्या की थी।
नावेट जाट एक पाकिस्तानी है, जो इस साल छह फरवरी को श्रीनगर के एक अस्पताल से पुलिस हिरासत से भाग निकला था। जट्ट के एस.एम.एच.एस अस्पताल से भागने के दौरान दो पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई थी।
इसके बाद जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने कहा कि कश्मीर के जाने-माने शुजात बुखारी की हत्या की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने इस अपराध को अंजाम दिया। पुलिस महानिरीक्षक एस.पी.पानी ने मीडिया से कहा, “यह आतंकवादी अपराध एलईटी द्वारा किया गया और इसकी साजिश पाकिस्तान में रची गई।
जांच में पाया गया है कि शुजात बुखारी के खिलाफ निश्चित सोशल मीडिया मंच पर नफरत, दुर्भावना व धमकी भरे अभियान चलाए जा रहे थे। सेवा प्रदाताओं के सहयोग से ठोस साक्ष्य एकत्र किए गए हैं कि नफरत अभियान के पीछे का व्यक्ति एलईटी आतंकवादी संगठन से है और

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सोशल मीडिया पर पूरी सामग्री पाकिस्तान से डाली गई थी।” जट्ट की मौत को सुरक्षा बलों के आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।

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