अक्षरधाम
अमहदाबाद, 16 साल बाद इस आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका है। बता दें कि 24 सितंबर 2002 को गुजरात के गांधीनगर में स्थित अक्षरधाम मंदिर परिसर में स्वचालित हथियारों और ग्रेनेड से लैस आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया था। उस वक्त इस हमले में 30 से ज्यादा श्रद्धालु मारे गए थे। इसके अलावा तीन कमांडो और एक कांस्टेबल भी शहीद हुए थे। 80 लोग इस हमले में घायल भी हुए थे।
इधर एक बड़ी खबर आ रही है। साल 2002 में गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हुए हमले के आरोपी मोहम्मद फारूक शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे अमहदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक फारूक शेख पिछले कई दिनों से दुबई में रह रहा था। आज (सोमवार, 26-11-2018) को वो अपने रिश्तेदारों से मिलने अहमदाबाद एयरपोर्ट आया हुआ था। क्राइम ब्रांच को फारूक की शिद्दत से तलाश थी और अपनी सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अक्षरधाम हमले के मुख्य आरोपी अब्दुल राशिद अजमेरी को पुलिस ने पिछले साल गिरफ्तार किया था। बता दें कि खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जु़ड़े आतंकियों पर 24 सितंबर 2002 को अक्षरधाम मंदिर परिसर में आतंकी हमला करने का आरोप लगा था।
उस वक्त हमलावरों को एनएसजी के कमांडों ने मौके पर ही मार गिराया था।इस हमले के मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल राशिद अजमेरी को भी पुलिस ने अहमदाबाद हवाई अड्डे से ही गिरफ्तार किया था। वो रियाद से लौटकर अपने भाई से मिलने यहां आया हुआ था। अहमदाबाद के ही रहने वाली अजमेरी पर यह आरोप है कि उसने ही इस हमले की साजिश रची थी।
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बता दें कि पोटा अदालत ने इस मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी और एक को आजीवन कारावास दिया गया था। गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा लेकिन 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। साथ ही जांच एजेंसी के द्वारा लापरवाही बरते जाने पर कड़ी फटकार भी लगाई थी।

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