केंद्र सरकार
एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा प्रावधानों के अनुसार प्रधान न्यायाधीश को अपने आधिकारिक आवास के साज-सज्जा के लिए पांच लाख रुपए मिलते हैं, लेकिन अब यह राशि दोगुनी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में संपदा निदेशालय द्वारा हाल ही में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के महानिदेशक प्रभाकर सिंह को सूचना भेजी गई है। दोनों एजंसियां केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आती हैं।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के आधिकारिक आवास के साज-सज्जा के लिए मौद्रिक सीमा चार लाख रुपए से बढ़ा कर आठ लाख रुपए कर दी गई है।
केंद्र सरकार ने प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ), सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजोंं, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के आधिकारिक बंगलों के साज-सज्जा के लिए मुहैया की जाने वाली राशि में 100 फीसद की वृद्धि की है।
इसी प्रकार मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के सरकारी बंगलों के लिए मंत्रालय ने मौजूदा चार लाख रुपए की सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपए कर दी है। सूत्रों ने कहा कि संशोधित सीमा में फर्नीचर और बिजली के उपकरण शामिल होंगे।
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केंद्रीय लोक निर्माण विभाग सरकार की सबसे बड़ी निर्माण एजंसी है और यह केंद्र सरकार के घरों, भवनों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर बाड़ लगाने तथा उनका रखरखाव करती है।

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