आवारा
राजधानी पटना की सड़कों पर घूमते आवारा मवेशियों पर नीतीश कुमार सख्त हो गए हैं। शनिवार (24 नवंबर, 2018) को उन्होंने पटना नगर निगम को निर्देश दिए कि आवारा पशुओं को पकड़कर उनके मालिकों पर जुर्माना लगा दिया जाए।
अगर फिर भी वह न सुधरें तो आवारा मवेशियों को पकड़कर उन्हें ऊंची कीमत देने वाले शख्स को नीलामी के जरिए बेच दिया जाए।
नीतीश कुमार ने ये बात शहर के प्रदूषित जल के निस्तारण की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कही। वह पिछले हफ्ते ही पटना के एसके पुरी इलाके में नगर निगम के नाले में 10 साल के बच्चे के गिरने के बाद व्यवस्था का जायजा लेने आए थे।
उन्होंने कहा,” आवारा पशुओं के मालिकों पर जुर्माना लगाएं। अगर वे जुर्माना लगाने के बाद भी नहीं सुधरते हैं तो आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें ऊंची कीमत देने वाले को नीलाम कर दें।”
घटना के ऊपर नाराजगी प्रकट करते हुए उन्होंने कहा,” वो लड़का (दीपक कुमार) आवारा पशुओं के कारण नाले में गिर पड़ा था।” बाद में अपने आवास पर अधिकारियों की बैठक लेते हुए नीतीश कुमार ने कहा,”आवारा पशु दुर्घटनाओं का कारण हैं।
अधिकारियों को आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए सारे इंतजाम करने चाहिए। शहर में मौजूद गौशालाओं की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए। इसके अलावा गौशाला में अतिरिक्त कामगारों को भी तैनात किया जाना चाहिए।” 
सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवारा पशुओं का उपयोग भी किया जा सकता है। आवारा पशुओं का दूध, गौमूत्र और गोबर भी बेचा जा सकता है। यही सारी व्यवस्थाएं प्रदेश के 
नीतीश कुमार ने पटना के डीएम कुमार रवि को निर्देश दिया कि वह गुमशुदा बच्चे के परिवार को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि दें। सीएम ने पटना नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह सभी खुले और भूमिगत नालों में मौजूद स्लिट और ठोस अपशिष्ट को नियमित तौर पर सफाई करवाएं।
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उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वह पटना के कचरा प्रबंधन सिस्टम को मॉडल के तौर पर वि​कसित करें और बाद में उसे अन्य शहरों में भी लागू करें।

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