मोदी सरकार
अगले साल 2019 के मई में मोदी सरकार पांच साल पूरे कर लेगी। 2019 के चुनाव में दोबारा केंद्र में आने के भरोसे सरकार ने पूर्ण बजट पेश करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई हैं। इस बड़े बदलाव के लिए केंद्रीय मंत्रायलों से वित्त मंत्री अरुण जेटली के भाषण के लिए वित्त मंत्रालय ने सुझाव भी मांगे हैं।
मिंट के अनुसार, एक बड़े अधिकारी ने इस खबर को सही बताया है। अगले साल 1 फरवरी को पूर्ण बजट पेश किया जा सकता है। अगले साल की छमाही से पहले ही लोकसभा चुनाव हो जाएंगे।
मोदी सरकार एक और परंपरा बदल सकती है। आगामी लोकसभा चुनाव पर नजरें टिकाए बैठी सरकार अपने खाते में उपलब्धी के तौर पर जोड़ते हुए आम चुनाव से पहले ही पूर्ण बजट ला सकती है। बाकायदा सरकार ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
हालांकि अभी तक लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश होते रहे हैं। चुनाव के बाद चुनकर आई नई सरकार ही पूर्ण बजट पेश करती रही हैं। लेकिन मोदी सरकार कुछ अलग ही करने की योजना बना रही है।
इस बारे में सीनियर अधिकारी का कहना है कि, सरकार निरंतरता बनाए रखना चाहती है। सरकार चाहती है कि चुनाव के कारण विकास की रफ्तार धीमी न पड़े। अधिकारी ने यह भी बताया कि मोदी सरकार 2018-19 का इकोनॉमिक रिपोर्ट कार्ड भी जारी कर सकती है।
अभी तक यह कार्ड भी चुनाव के बाद आई सरकार ही जारी करती रही है। बताया गया है कि वित्त मंत्रालय बजट की तैयारियों के मद्देनजर मीडिया की एंट्री 3 दिसंबर के बाद बैन कर देगा।
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सभी मंत्रालयों को वित्त मंत्रालय ने एक पत्र भी जारी किया है। इसमें जरूरी सूचनाएं और सुझाव मांगे गए हैं। साथ ही अरुण जेटली के दिए जाने वाले बजट भाषण के लिए संबंधित सामग्री देने को भी कहा गया है।

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