राष्ट्रपति चुनाव
मुंबई में उद्धव ठाकरे एक मैग्जीन के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। 24-25 नवंबर को प्रस्तावित अयोध्या यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि उनके इस दौरे को कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि जिन्हें जो समझना है, समझें।
उन्हें बालासाहब ठाकरे ने कभी भी झूठ बोलकर वोट मांगने की सीख नहीं दी है। ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि देश में आपातकाल की तरह स्थितियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा, “हमें मालूम है कि आपातकाल एक बुराई है, तब भी क्या हम मूक दर्शक बने रहें?”
भाजपा के सहयोगी दल शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फिर से भाजपा पर निशाना साधा है और कहा है कि पिछले साल जब राष्ट्रपति चुनाव होने थे तब भाजपा ने अपने ही वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को रास्ते से हटाने के लिए बाबरी विध्वंस का मुद्दा दोबारा खुलवा दिया था और
अब जब अगले साल आम चुनाव होने हैं तब फिर से राम मंदिर का मुद्दा उछल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए राम मंदिर निर्माण भी एक जुमला है। हालांकि, उद्धव ने अपने संबोधन में किसी भी खास पार्टी का नाम नहीं लिया।
उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हर किसी के खाते में 15 लाख रुपए की तरह, राम मंदिर भी जुमला है? जब हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राम मंदिर वास्तव में बनाया जाए। यह मुद्दा केवल चुनाव के दौरान आता है और
एक बार चुनाव खत्म होने के बाद इसे भुला दिया जाता है।’ बता दें कि उद्धव ठाकरे की पार्टी शिव सेना ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए पहल तेज कर दी है।
ठाकरे ने इसके लिए नया स्लोगन दिया- ‘हर हिन्दू की यही पुकार, पहले मंदिर, फिर सरकार’। ठाकरे ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में वो चुनावी राजनीति और गठबंधन से ज्यादा तवज्जो राम मंदिर निर्माण को देते हैं।
उन्होंने समारोह में मौजूद पत्रकारों से अपील की कि कड़े शब्दों में किसी की भी आलोचना करने से परहेज न करें। उन्होंने कहा, “आलोचना होनी चाहिए। यदि उद्देश्य शुद्ध हैं, तो कोई समस्या नहीं है। एक विशिष्ट राजनेता की तरफ झुकाव रखने में भी कोई बात नहीं है।
मेरे पास इसका लंबा अनुभव है। मेरी इतनी आलोचना हुई है कि अगर कोई अच्छे शब्दों का उपयोग करता है तो मुझे अजीब लगता है।” ठाकरे से पहले शिव सेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर कोर्ट का नहीं बल्कि आस्था और राष्ट्रीय अस्मिता का मामला है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए उनकी पार्टी अभियान चलाती रहेगी। उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे।
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वहां वह लक्ष्मण किला में आयोजित कार्यक्रम में शरीक होने के बाद शाम को सरयू आरती भी करेंगे। ठाकरे 25 नवंबर को रामलला के दर्शन करेंगे।

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