वसुंधरा के
भाजपा से कांग्रेस में आने के बाद मानवेंद्र सिंह को खुद राहुल गांधी की रणनीति के तहत वसुंधरा के खिलाफ उतारा गया है। 24 अक्टूबर को झालावाड़ में हुई राहुल की रैली में मानवेंद्र के मंच पर होने से ही इस तरफ इशारा मिल गया था।
लेकिन सालों से पार्टी के लिए काम कर रहे स्थानीय कांग्रेसियों को आलाकमान का यह फैसला रास नहीं आया और बगावत के सुर तेज हो गए।
राजस्थान विधानसभा चुनाव में इन दिनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा चरम पर है। उनके गुस्से से न प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट बच पाए हैं और न ही राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी। ताजा मामला प्रदेश की हाईप्रोफाइल सीट झालरापाटन का है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ कांग्रेस ने इस बार यहां से मानवेंद्र सिंह को उतारा है। मानवेंद्र कद्दावर भाजपा नेता जसवंत सिंह के बेटे हैं जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। मानवेंद्र खुद शिव विधानसभा से भाजपा के वर्तमान विधायक भी हैं।
झालरा पाटन से कांग्रेस का टिकट अपने लिए फाइनल मानकर चल रहे मजबूत स्थानीय नेता शैलेंद्र यादव को मानवेंद्र के आने से बड़ा झटका लगा। उनके समर्थकों ने झालावाड़ जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित होकर राहुल के इस फैसले का विरोध करते हुए
‘मानवेंद्र वापस जाओ’ के नारे लगाए और पुतला दहन किया। उल्लेखनीय है कि मानवेंद्र कद्दावर भाजपा नेता और अटल सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके जसवंत सिंह बेटे हैं।
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उन्होंने पार्टी में अपनी उपेक्षा से नाराज होकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

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