अब सांसद
थुपस्तान छवांग ने आध्यात्मिक जीवन गुजारने के लिए और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण छवांग (71) ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि छवांग ने निजी कारणों से अपना इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि
लद्दाख के सांसद ने बुधवार को अपने पत्र में कहा है कि वह तुरंत प्रभाव से ‘‘स्वास्थ्य कारणों’’ के चलते पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
उन्होंने सांसद के तौर पर भी इस्तीफा दे दिया है। छवांग से संपर्क नहीं हो पाया है। वह दो बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।
लोकसभा में लद्दाख क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले थुपस्तान छवांग ने सदन और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने गुरुवार (15 नवंबर) को यह जानकारी दी।
रैना ने कहा कि सांसद पिछले एक साल से जोर दे रहे थे कि वह राजनीति छोड़ना चाहते हैं और आध्यात्मिक जीवन गुजारना चाहते हैं। पार्टी के राज्य प्रमुख ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी थी।
बता दें कि साल 2014 में 36 वोटों से जीत दर्ज कर छिवांग ने बीजेपी के लिए पहली बार लद्दाख में इतिहास रचा था।
रैना के मुताबिक, छिवांग के इस्तीफे पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन फैसला लेंगी। हालांकि, बीजेपी सूत्रों की मानें तो पिछले काफी अरसे से थुपस्टान छिवांग भाजपा से अलग-थलग चल रहे थे।
सूत्रों की मानें तो वह राज्य में बीजेपी नेतृत्व से खफा थे। यही वजह थी कि उन्होंने हाल के स्थानीय शहरी निकाय चुनावों में पार्टी के प्रचार-प्रसार भी नहीं किया था।
बता दें कि बीजेपी लेह और करगिल नगर निगम कमेटियों में अपना खाता खोलने में नाकाम रहीं। जानकारों की मानें तो छवांग का मैदान में न उतरना भी इसके पीछे एक वजह माना जा रहा है।
याद दिला दें कि पांच राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना) में होने वाले विस चुनाव से कुछ रोज पहले मध्य प्रदेश में टिकट बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पार्टी से खफा चल रहीं पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था।
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वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी, जबकि राजस्थान में बीजेपी सांसद हरीश मीणा ने बुधवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

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