अयोध्या में
लखनऊ,। अखिल भारतीय संत समिति संतों से संपर्क कर रही है। विहिप नेता खुद भी संतों से संपर्क में हैं।
सूत्रों के मुताबिक केवल प्रयागराज से दस हजार लोगों के पहुंचने का लक्ष्य और अवध प्रांत से 25000 बजरंगियों की भर्ती 25 नवंबर को अयोध्या में बड़ा जमावड़ा होने के संकेत हैं।
कमोवेश ऐसा ही वातावरण यूपी के अन्य हिस्सों में बन रहा है। बाबरी पक्ष के मुद्दई इकबाल इस जमावड़े को लेकर आशंकित हैं। हालांकि यूपी सरकार को इस जुटाव से कोई दिक्कत नहीं है। 
अयोध्या में मंदिर आंदोलन को नए सिरे से धार देने के लिए विहिप और संघ परिवार निचले स्तर तक तैयारी में जुटा है। करणी सेना, शिवसेना और अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद जैसे संगठन भी हुंकार भर रहे हैं। 
यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने काशी में कहा कि विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रही है। ऐसे में अगर उनका मकसद रामभक्तों को एकजुट करना है तो हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है।

गौरतलब है कि विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने बुधवार को लखनऊ प्रेस कांफ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मुद्दे की सुनवाई टाल देने पर निराशा जताई थी।
राय ने कहा था कि विहिप हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते अयोध्या में 25 नवंबर को धर्मसभा करेगी। इसी दिन बैंगलोर में भी धर्मसभा होगी। डिप्टी सीएम केशव इसके जवाब में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
यूपी में जिले-जिले संघ परिवार लोगों से अयोध्या चलने की अपील कर रहा है। बलरामपुर में विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की त्रिशूल दीक्षा में प्रांतीय संगठन मंत्री विहिप,
बजरंग दल अवध प्रांत के भोलेंद्र ने कहा कि हिंदू समाज राम जन्म भूमि पर जल्द से जल्द फैसला चाहता है। 25 नवंबर को अयोध्या में होने वाली विशाल सभा में ज्यादा से ज्यादा लोगों के पहुंचने की अपील की।
इससे पहले उन्होंने अयोध्या में जानकारी दी कि बजरंग दल शीघ्र ही अवध प्रांत से 25 हजार कार्यकर्ताओं की भर्ती कर रहा है। प्रस्तावित धर्मसभा में गोंडा जिले से 62 हजार कार्यकर्ताओं की सहभागिता का लक्ष्य है। 
फतेहपुर में विश्व हिंदू परिषद के अनुषांगिक संगठन बजरंग दल, दुर्गावाहिनी आदि की बैठक में अयोध्या धर्मसभा में जिले से भारी हुजूम ले जाने को तैयारी की गई।
विहिप के प्रांत मंत्री वीरेंद्र पाण्डेय की अगुवाई में जिले से दस हजार रामभक्तों का हुजूम अयोध्या पहुंचेगा। 
अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए नित नई हुंकार भरी जा रही है। यहां तपस्वी जी की छावनी में महंत परमहंसदास ने मंदिर निर्माण में बाधा बनी राजनीति के पर्याय पुतले की मति शुद्ध की और इससे पहले  सहयोगियों के साथ मंदिर के समर्थन की हुंकार भरी।
राममंदिर निर्माण के लिए संघर्ष का पर्याय बने विहिप के अन्तरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंहल की जन्मभूमि प्रयागराज से एक बार फिर मंदिर निर्माण की हुंकार भरी जा रही है।
सिंहल की जन्म और कर्मभूमि प्रयागराज से फिर इस आंदोलन को ऊर्जा मिल रही है। इसके लिए संघ परिवार और संतों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
विहिप ने 25 नवंबर को अयोध्या में जिस धर्मसभा का आयोजन किया है, उसमें संघ के सभी अनुषांगिक संगठनों ने ताकत झोंक दी है। वैसे देश के कोने-कोने से अयोध्या में संत-महंत और आस्थावन जुटेंगे।
उल्लेखनीय है कि तीन नवंबर को दिल्ली संत सम्मेलन में अयोध्या में मंदिर निर्माण का धर्मादेश जारी होने की तपिश देश भर में महसूस की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार सभी सक्रिय और पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। यह लोग अपने-अपने क्षेत्र में जाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण की जरूरत पर बल देंगे।
साथ ही इस पर सहमत कर अयोध्या चलने की तैयारी करेंगे। विश्व हिंदू परिषद के महानगर मीडिया प्रभारी अश्वनी मिश्र ने बताया कि प्रयागराज से अयोध्या में प्रस्तावित धर्मसभा में दस हजार से अधिक लोग पहुंचेंगे।
17 नवंबर को अशोक सिंहल की जयंती पर कुछ राष्ट्रीय नेता प्रयागराज में मंदिर मुद्दे पर होने वाले आंदोलन पर मंत्रणा करेंगे। कई बड़े संत भी अयोध्या जाने की तैयारी में हैं। हालांकि सारी रणनीति गोपनीय रखी गई है।
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एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर उत्तर भारतीयों के विरोध के आरोप को निराधार बताया। शिवसेना को राममंदिर मुद्दे पर उत्तरप्रदेश में समर्थन मिल रहा है। 
शिंदे ने स्पष्ट किया कि शिवसेना कभी भी उत्तर भारतीयों के खिलाफ नहीं रही। पार्टी प्रवक्ता संजय रावत कई बार अयोध्या आकर मंदिर मुद्दे पर उचित माहौल बना चुके हैं।
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 वेस्ट यूपी के सूत्रों के मुताबिक शिवसेना का हर जिले से सौ कार्यकर्ता लाने का लक्ष्य है। 

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