अब लखनऊ
लखनऊ,। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह प्राणि उद्यान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम समर्पित किया जाएगा।
सोमवार को लखनऊ में ऑल इंडिया ज़ू डायरेक्टर कॉन्फ्रेंस में उद़घाटन के बाद वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि इस पर सरकार विचार कर रही है। सरकार सही समय पर सही निर्णय लेगी।
उत्तर प्रदेश में शहरों का नाम बदलने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार अब राजधानी लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान का नाम बदल सकती है।
गौरतलब हो कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने इससे पहले इकाना स्टेडियम का नाम बदलकर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कर दिया।
उससे पहले इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या कर दिया।
लखनऊ की शान नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान का नाम परिवर्तित कर अटल जयंती पर हो सकता है।
25 दिसंबर को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म दिवस है। सूत्रों की मानें तो योगी सरकार इसी दिन प्राणि उद्यान को नया नाम दे सकती है। 
लखनऊ प्राणि उद्यान की स्थापना वर्ष 1921 में की गई थी। इंग्लैण्ड के राजकुमार प्रिंस ऑफ वेल्स के लखनऊ आगमन के अवसर पर इसका नाम प्रिंस ऑफ वेल्स जूलोजिकल गार्डन रखा गया था।
4 जून 2001 को इसका नाम परिवर्तित कर लखनऊ प्राणि उद्यान किया गया। पूर्ववर्ती सपा सरकार ने 23 जून 2015 को लखनऊ प्राणी उद्यान (लखनऊ चिडिय़ाघर) का नाम नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान कर दिया था।
शाह अवध के आखिरी नवाब थे। आजादी के बाद से यह पहली घटना थी जब किसी स्मारक का नाम अवध या अवध के नवाब के नाम पर रखा गया था। 71 एकड़ में फैला यह प्राणि उद्यान राजधानी की जान व शान कहा जाता है।
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यहां हर साल करीब 13 लाख पर्यटक आते हैं। इस प्राणि उद्यान में 102 प्रजातियों के 911 पशु पक्षी निवास करते हैं।

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