बेटी बचाओ
देवरिया,। कागजी आकडो के अपेक्षा कार्यो को धरातल पर उतारा जाए तो कोई भी कार्य अंसभव नही है और उसमें सफलता अवश्य प्राप्त होगी।
इसके लिए हम सभी को टीम भावना से कार्य करने की जरुरत है, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहने पाए और कार्यक्रम को अपेक्षानुसार सफल बनाया जा सके। 
जिलाधिकारी अमित किशोर ने उपरोक्त विचार स्टेशन रोड स्थित होटल गोल्डेन लारेन इन में आयोजित पी0सी0पी0एन0डी0टी0 अधिनियम विषयक एक दिवसीय जनपद स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होने कहा कि कानून बनाना अलग बात है, लेकिन उसका पालन करने के लिए हम सभी संबंधितों को दृढ निश्चय होकर कार्य करना होगा तभी उसके उद्देश्यो की पूर्ति होगी।
इसके लिये हर संभव प्रयास किए जाए जिससे समाज में फैले लिंगानुपात की बीमारी रुपी प्रथा को खत्म करने में सफल हो सकेगें।
उन्होने कहा कि इस कार्य में विभागीय अधिकारी निरीक्षण के समय कागजी कार्यवाही में कोई कोताही न बरते। कोताही बरते जाने पर दोषियों को दण्ड नही मिल पाता है और वह अपने कार्य को अंजाम देते रहते है। 
जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए यह जरुरी है कि जाॅच पूर्ण रुप से गोपनीय हो और अधिनियम में दिए गये प्राविधानों के अनुरुप कार्यवाही हो।
साथ ही गोपनीयता/मुखबरी के साथ इसकी जानकारी की जाए कि भ्रूण परीक्षण का कार्य किन-किन अल्ट्रासाउन्ड केन्द्रो पर होता है तथा उसके उपरान्त जहां भी गर्भपात आदि की कार्यवाही की जाती है।
उसका भी संज्ञान लिया जाए तभी हम बेटियों को बचाने में सफल हो सकेगें। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद में संचालित नर्सिंग होम से यह सूचना लिगंानुपात अनुरुप प्राप्त करें,
जिससे यह भी जानकारी हो कि कितनी लडकी और कितने लडको ने जन्म लिया तथा उनका पंजीकरण भी संभव होता रहेगा।
उन्होने निर्देशित किया कि आगामी 17 नवंबर के पूर्व ग्राम बाल संरक्षण समितियों का गठन कराना सुनिश्चित करें और उसकी सूचना मुझे व सी0डी0ओ0 को उपलब्ध कराये। उन्होने कहा कि
लिंग परीक्षण अथवा किसी भी अवैधानिक कार्यवाही के लिए पकडे जाने पर उसे बक्शा नही जायेगा और नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
उन्होने कहा कि तभी शासन की मंशा के अनुरुप बेटी बचाओ बेटी पढाओं योजना को भी सफल बना पायेगें जब हम अपने स्वयं के साथ-साथ मातृ शक्ति को भी इसके लिये जागरुक करेगें और
उन्हे अपने से कमतर न आकते हुए बराबर का सहयोगी मानेगें तभी इसमें हम सफल हो सकेगें।  
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए डा0  नीलमा  ने अपने अनुभवों को साझाा करते हुए कहा कि जो कार्यवाही हमलोग करते है उसमें अधिनियम के अनुरुप न होते हुए शिथिलता रह जाती है,
जिसका परिणाम यह होता है कि दोषी बच निकलता है और वह अपने कार्य को अंजाम देता रहता है। उन्होने कहा कि इसमें सभी सबंधित अधिकारी व कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ कार्यवाही करें, जिससे किसी प्रकार की कोई शिथिलता न रहे और
दोषी को उसके अंजाम तक पहुॅचाया जा सके। उन्होने यह भी कहा कि यदि जन्म प्रमाण पत्र नियमित रुप से सही बनने लगे तो इसका पता करने में आसानी रहेगी कि किस क्षेत्र में लिंगानुपात घट/बढ रहा है।
उन्होने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में यह भी देखे कि जो परिवार गरीब है और उनके जीवकोपार्जन की कोई व्यवस्था नही है, ऐसी स्थिति में वे अपने बच्चो को मजबुरी में मजदूरी के लिए भेजते है, जो नियमानुसार गलत है,
परन्तु इसके लिये हम सभी को देखना होगा कि उनके जीविकोपार्जन के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ कैसे दिलाया जा सके, जिससे बच्चो को मजदूरी के लिये भेजना ना पडे और वे शिक्षा भी प्राप्त करें।
उन्होने कहा कि यदि लिंगानुपात में हो रही असमानता के संबंध में प्राथमिक विद्यालय स्तर पर से ही यदि बच्चो को जानकारी करायी जाए तो उनमें अधिक जागरुकता आयेगी साथ ही उनके अन्दर यह भी भावना पैदा करनी होगी कि
लडका और लडकी में कोई भेद नही है, वे बराबरी की श्रेणी में है। लडकियों का कमतर न आका जाय। यदि ऐसी भावना बचपन से ही उनके दिल में समाहित हो जायेगी तो समाज में होने वाले विभिन्न प्रकार के अपराधो पर भी स्वतः अंकुश लग जायेगा और
समाज में होने वाली घटनाये नगण्य हो जायेगी। इसके लिये हम सभी को प्रयास करना होगा कि गर्भ में पल रहे हर बच्चे को जन्म मिल सकेऔर
उसका सही भरण-पोषण हो तो मृत्यु दर पर अंकुश लगने के साथ-साथ लिंगानुपात में भी तेजी से समानता आयेगी।    
उक्त अवसर पर पुलिस अधीक्षक एन0कोलांची ने कहा कि मेरा यह प्रयास रहेगा कि अभियोजन अधिकारी सहित जो भी पुलिस विभाग के अधिकारी निरीक्षण आदि के कार्यो में सहभागिता कर वह यह सुनिश्चित करें कि
उनके द्वारा दोषी के विरुद्व की गयी कार्यवाही ठोस रुप में हो और उसे नियमानुसार सजा भी मिले।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार त्यागी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 धीरेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) राकेश पटेल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0छोटेलाल,
अधीक्षिका डा0 माला सिन्हा, अति0 मुख्य चिकित्साधिकारी डा0डी0वी0शाही, समस्त उप जिलाधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी 
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सहित संबंधित विभागो के अधिकारी/कर्मचारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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