बिहार
बिहार की राजधानी पटना में लाठी और डंडे से लैस पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को खदेड़ दिया है और गाड़ियों को तोड़ डाला है। इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया तथा उनके कैमरे तोड़ दिए गए।
आक्रोशित पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जब वे बचने के लिए मंदिर में छिप गए तो यहां भी सिपाही घुस गए और पिटाई की।
कुछ सिपाहियों ने स्थानीय लोदीपुर मोहल्ले में स्थित मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। इसके बाद स्थानीय लोग भी भड़क गए और तनाव का माहौल बन गया।
एक महिला कांस्टेबल की डेंगू से मौत होने के बाद प्रशिक्षु पुलिसर्किमयों ने पुलिस लाइन में शुक्रवार (2 नवंबर) को तोड़फोड़ कर उसे बर्बाद कर दिया, कई पुलिसर्किमयों की पिटाई की गयी और हवा में कुछ चक्र गोलियां भी चलानी पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुस्साए पुलिसकर्मियों ने नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और सार्जेट मेजर की भी पिटाई की।
मंदिर में तोड़-फोड़ की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सिपाहियों का विरोध करना शुरू कर दिया और रोड़ेबाजी करने लगे। सैंकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि
पुलिसवालों ने उनकी पिटाई करने के साथ मोबाइल फोन भी छिन लिए। गाडि़यों को रोककर लोगों की पिटाई की गई। ये बस करने के बाद सिपाही लाइन के अंदर चले गए। हालांकि, स्थानीय लोगों के बढ़ते विरोध को देख बुद्धा कॉलोनी थानाध्यक्ष मनोज मोहन मौके पर पहुंचे और
किसी तरह मामले को शांत करवाया। हालांकि, सिपाहियों द्वारा किए गए उपद्रव का फुटेज कैमरा तोड़ने के बावजूद सुरक्षित है। पुलिस डीवीआर तक नहीं पहुंच पाए थे। पुलिस घटना का वीडियो फुटेज निकालने की कोशिश में जुटी है।
दरअसल, एक महिला काॅस्टेबल कई दिनों से बीमार चल रही थी। उन्हें डेंगू हो गया था। कुछ दिन पहले उन्हें एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
महिला कांस्टेबल के मरने की खबर जैसे ही पुलिस लाइन में पहंची, प्रशिक्षु कांस्टेबलों ने फर्नीचर तोड़ दिया और अंदर आने वाले वरिष्ठ पुलिसर्किमयों पर पथराव किया।
इसके बाद आक्रोशित पुलिसकर्मी सड़क पर उतर आए और उन्होंने हंगामा किया। आम लोग जब आक्रोशित हुए तब सभी पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में लौट गए। इस दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ। अधिकारियों के वाहनो को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और उसे पलट दिया गया।
पुलिस अधीक्षक स्तर के दो अधिकारी और एक सार्जेंट मेजर सह पुलिस उपाधीक्षक को निशाना बनाया गया। इस दौरान कुछ मीडियार्किमयों की भी पिटाई की गयी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज को जूनियरों ने पुलिस लाइन में प्रवेश करने से रोक दिया, क्योंकि स्थिति उबाल पर थी । बाद में उन्होंने पुलिस लाइन में प्रवेश किया, जबकि एसटीएफ, एटीएस और बिहार सैन्य पुलिस के जवानों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बुलाया गया।
एक घंटे तक चली गड़बड़ी के बाद पटना संभाग के पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। इस पूरे मामले को लेकर शुक्रवार की देर रात बुद्धा कॉलोनी थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई है।
एक एफआईआर बुद्धा कॉलोनी के थानाध्यक्ष मनोज मोहन और दूसरी एफआईआर पुलिस लाइन के डीएसपी मसलेहउद्दीन के बयान पर दर्ज की गई है। करीब पांच सौ अज्ञात सिपहियों के अलावा कुछ नामजद पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस महानिदेशक के एस द्विवेदी से इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस बीच पुलिस महानिदेशक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि
गड़बडी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि
नीतीश कुमार कानून और व्यवस्था मशीनरी पर नियंत्रण खो चुके हैं।
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