दुनियाभर में
भारत समेत दुनियाभर में गूगल के कार्यालयों में सैंकड़ों कर्मचारियों ने महिलाओं के साथ कंपनी के बर्ताव और यौन दुराचार के आरोपी वरिष्ठ कार्यकारियों के साथ नरमी के खिलाफ बृहस्पतिवार को अप्रत्याशित श्रृंखलाबद्ध वाकआउट किया।
 ‘गूगल वाकआउट’ नामक इस वाकआउट से पहले न्यूयार्क टाईम्स की खोजी रिपोर्टिंग में सालों से यौन उत्पीड़न के आरोपों, आरोपी कार्यकारियों को लाखों डॉलर का पैकेज दिये जाने, इन मामलों में पारर्दिशता के अभाव का ब्योरा आया था।
कर्मचारी उन तौर तरीकों में अहम बदलाव की मांग कर रहे हैं जिससे यौन कदाचार के आरोपों से निपटा जाता है। उनमें जबरन सुलह को समाप्त करने की भी मांग है ताकि पीड़िता के लिए मुकदमा चलाना संभव हो सके।
सिल्कन वैली के कर्मचारियों के लिए जबरन सुलह एक आम व्यवस्था है जिसके तहत किसी भी विवाद को अदालत जैसे बाहरी तरीकों के बजाय अंदरुनी ढंग से निपटाया जाता है।
असमान वेतन और लैंगिक प्रतिनिधित्व का अभाव भी कर्मचारियों की चिंताओं में शामिल थे।
गूगल के प्रमुख कार्यकारी सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों से कहा कि वह प्रदर्शन करने के उनके अधिकारों का समर्थन करते हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी शीर्ष कार्यकारी ने कहा, ‘‘कल हमने गूगल कर्मचारियों को पता लग जाने दिया कि
हम बृहस्पतिवार के लिए बनायी गयी गतिविधियों की योजना से वाकिफ हैं और यह कि कर्मचारियों को जो समर्थन चाहिए, वह उन्हें मिलेगा यदि वे उसमें हिस्सा लेना चाहें ।’’ इस संबंध में संपर्क करने पर गूगल प्रवक्ता ने बातचीत में इसकी पुष्टि की कि भारत में 150 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। ये कर्मचारी हैदराबाद, गुड़गांव और मुम्बई कार्यालयों से थे।
पिचाई ने कहा कि उन्हें कई कर्मचारियों ने कार्य के दौरान अनुचित व्यवहार के बारे में बताया। उन्होंने कहा ‘‘पिछली कार्रवाइयों तथा इसके कारण कर्मचारियों को जो पीड़ा हुई, इसके लिये मुझे बेहद अफसोस है।’’ पिचाई ने संदेश में कहा,
‘‘कंपनी का सीईओ होने के नाते व्यक्तिगत रूप से यह मेरे लिये महत्वपूर्ण हो जाता है कि हमलोग अनुचित व्यवहार पर कड़ा रुख अपनायें।’’ उन्होंने कहा कि गूगल ने पिछले दो साल में यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते 13 वरिष्ठ कार्यकारियों समेत 48 कर्मचारियों को निकाला है।
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में पिछले सप्ताह इस मुद्दे पर रिपोर्ट आने के बाद पिचाई ने गूगल के कर्मचारियों से मुलाकात की है।
रिपोर्ट में यह कहा गया था कि गूगल के एक वरिष्ठ कर्मचारी एंड्रॉयड निर्माता एंडी रुबीन को कंपनी छोड़ने के समय नौ करोड़ डॉलर का पैकेज दिया गया है जबकि
उन पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप हैं और गूगल ने यौन उत्पीड़न के अन्य दावों पर पर्दा डालने का काम किया। बहरहाल रूबीन के प्रवक्ता सैम सिंगर ने इन आरोपों को खारिज किया है।
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