श्रीलंका के
श्रीलंका में जारी राजनीतिक संकट के बीच हुई हिंसा के बाद यह पहली गिरफ्तारी है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। राजनीतिक संकट रविवार को उस समय गहरा गया था, जब 54 वर्षीय रणतुंगा के एक अंगरक्षक ने नए प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे के समर्थकों पर गोलियां चला दी थी,
जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। रणतुंगा पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के वफादार माने जाते हैं। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया और दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
श्रीलंका के बर्खास्त पेट्रोलियम मंत्री अर्जुन रणतुंगा को सोमवार (29 अक्‍टूबर) को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस सिलसिले में सीलोन पेट्रोलियम कारपोरेशन (सीपीसी) परिसर से एक सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस प्रवक्ता रूवान गुनासेकेरा ने बताया कि क्रिकेटर से राजनेता बने रणतुंगा को उनके परिसर में घटी घटना के बाद सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि उनके सुरक्षा स्टाफ द्वारा चलायी गयी गोली से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।
वैसे बता दें कि हाल ही में पूर्व क्रिकेटर अर्जुन रणतुंगा का नाम उस वक्त विवादों में आ गया था जब एक पूर्व भारतीय एयर होस्टेस ने उन पर मीटू कैंपेन के तहत गंभीर आरोप लगाए थे।
इंडिया टुडे के मुताबिक इस एयर होस्टेस ने रणतुंगा पर जबरदस्ती की करने की कोशिश का आरोप लगाया है। अर्जुन रणतुंगा को अपने कप्तानी में श्रीलंका को 1996 में विश्व कप दिलाने का श्रेय हासिल है।
पीड़ित महिला ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा था- मुंबई के जुहू होटल में मेरी दोस्त को भारतीय और श्रीलंकाई क्रिकेटर दिखे।
हमने उनसे ऑटोग्राफ लेने का सोचा। हमें ड्रिंक ऑफर की गई, लेकिन मैंने अपनी पानी की बोतल निकाल ली। मेरी दोस्त एक भारतीय क्रिकेटर के साथ स्विमिंग पुल की ओर चली गई। ये शाम 7 बजे की बात है।”
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