जब तूफानी बल्लेबाजी, शानदार कप्तानी और बड़े-बड़ें रिकॉर्ड की बात आती है तो टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान एमएस धोनी का नाम शायद इस लिस्ट में सबसे ऊपर नजर आता है। विकेटकीपर के रूप में बल्लेबाज की जो एक आम राय क्रिकेट जगत में थी एमएस धोनी ने उसे बदल डाला और ऐसे-ऐसे कीर्तिमान गढ़े जो क्रिकेट जगत में हमेशा याद रखे जाएंगे।
भारत को अपनी कप्तानी में दो बार विश्वविजेता बनाने वाले धोनी का बल्ला भले ही इन दिनों खामोश हो लेकिन जब भी वो मैदान में उतरते हैं तो बड़े से बड़ा लक्ष्य और बड़े से बड़ा गेंदबाज भी उनके सामने नहीं टिकता है।
धोनी की तूफानी और यादगार पारियों की लिस्ट यूं तो बहुत लंबी है लेकिन व्यक्तिगत स्कोर के लिहाज से धोनी ने आज ही के दिन यानी कि 31 अक्टूबर को 13 साल पहले श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की एक यादगार और सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी।
दरअसल यह मुकाबला भारत-श्रीलंका के बीच 2005 में जयपुर में खेला गया था। उस वक्त टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ हुआ करते थे, इस सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारत को जीत के लिए 299 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन
नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे धोनी ने अकेले 183 रन कूट दिए और भारत 6 विकेट से जिताकर नाबाद पवेलियन लौटे थे। इस पारी में उन्होंने 145 गेंदों का ही सामना किया था और 15 चौके और 10 छक्के जड़े थे।
उनको इस मैच में मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया था। उनकी इस पारी की एक यादगार झलकी को बीसीसीआई ने एक वीडियो के रूप में साझा किया है, और इस दिन की यादों को तरोताजा कर दिया है।
बता दें कि दिग्गज एमएस धोनी ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ डेब्यू किया था और अपने पहले मुकाबले में वो बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे।

हालांकि अपने करियर के पांचवे वनडे में ही उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 148 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। फिलहाल धोनी ने अबतक 330 से ज्यादा वनडे मुकाबले खेल लिए हैं और भले ही हाल फिलहाल में उनके बल्ले से उतने रन बनते नहीं दिख रहे हैं लेकिन
फिर भी धोनी का टीम में होना ही टीम इंडिया के लिए काफी फायदेमंद है क्योंकि उनका अनुभव किसी भी मुकाबले को पलट सकता है।

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