विभूतिखंड
लखनऊ, । लगातार एनकाउंटर के बीच भी बेखौफ बदमाश लगातार चुनौती दे रहे हैं।
सोमवार को लखनऊ में एचपी गैस एजेंसी के कैशियर को गोली मारकर बदमाशों ने करीब दस लाख रुपया लूट लिया। 
गोली सीने को चीरते हुए निकल गई। महज 10 सेकेंड में वारदात को अंजाम देकर बदमाश भाग निकले।
सूचना के बाद भी आधे घंटे तक पुलिस और एंबुलेंस के न पहुंचने पर निजी वाहन से लहूलुहान कैशियर को अस्पताल पहुंचाया गया,
जहां उसने दम तोड़ दिया। गौरतलब हो कि एसएसपी लखनऊ ने रविवार रात ही 20 थाना के प्रभारियों का तबादला किया था।
उधर, बेखौफ बदमाशों ने आज दिन में करीब 10:30 बजे उनके इस निर्णय को सलामी दी। 
दरअसल, गैस एजेंसी के कैशियर श्याम सिंह (45) सुबह सवा दस बजे के करीब विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ इंडिया में दस लाख रुपये जमा करने पहुंचे।
बताया जा रहा है कि बैंक के सामने उर्दू एकेडमी रोड पर उन्होंने अपनी स्प्लेंडर बाइक खड़ी की और रुपये जमा करने के लिए आगे बढ़े।
तभी स्प्लेंडर बाइक बाइक पर सवार दो बदमाश आए और नीचे उतरकर श्याम सिंह के पीछे से पीठ पर गोली मार दी। 
गोली सीने को चीरते हुए निकल गई। श्याम सिंह लहूलुहान होकर गिर पड़े।

उधर, दोनों बदमाश रुपयों से भरा बैग छीनकर बाइक से मधुरिमा रेस्टोरेंट के सामने से होते हुए भागने लगे।
इसी बीच पास ही स्थित पेट्रोल पंप के एक कर्मचारी ने अपनी पल्सर बाइक से बदमाशों का पीछा किया, जिसपर उन्होंने असलहा तान दिया और वह वापस लौट गया।
लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जब आधे घंटे तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा
तब निजी वाहन से श्याम सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चश्मदीदों ने बताया कि एक बाइक पर दो बदमाश सवार थे। बाइक चला रहे बदमाश ने हेल्मेट लगा रखा था और
पीछे बैठा बदमाश नकाब पहने था। स्थानीय लोगों ने बताया कि
गोली मारने वाले बदमाश ने सफारी शूट पहना था। कुछ लोगों का कहना है कि
बदमाश पेट्रोल पंप के सामने से यू-टर्न लेकर ओवर ब्रिज के रास्ते लोहिया पथ की तरफ चले गए।
हालांकि इस बात की अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि बदमाश पिकप भवन के पीछे से होते हुए शहीद पथ से भागे थे। 
वारदात के बाद मौके पर आइजी, एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम के साथ छानबीन की।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है
मूलरूप से गोसाईंगंज के परेहटा गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक माता बख्श सिंह के बेटे श्याम सिंह विनीत खंड में पत्नी भावना, बेटी गुंचा व छोटी बेटी सुधि के साथ रहते थे।
बेटी गुंचा अवध डिग्री कॉलेज और छोटी बेटी शुभी केंद्रीय विद्यालय में पढ़ती है।
मृतक का छोटा भाई सुधीर सिंह कस्टम विभाग में सिपाही हैं और अलीगंज स्थित कार्यालय में तैनात हैं। 

घटना की जानकारी पाकर वह ऑफिस से वर्दी में ही भागते हुए लोहिया अस्पताल पहुंचे। 
घटना से नाराज परिजनों और लोगों ने मृतक श्याम का शव लेकर पैदल मार्च करते हुए हुसडिय़ा चौराहे पार करते हुए जयपुरिया कॉलेज की तरफ बढ़ चले।
इस दौरान पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।
कहीं किसी तरह की कोई अनहोनी न हो इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर ही मौजूद रहे। पुलिस आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास में लगी रही।
शहीद पथ पहुंचते ही पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस बीच धक्का मुक्की, नोकझोंक भी हुई। इस दौरान हुसडिय़ा चौराहे पर भारी जाम की समस्या बनी रही। 
पुलिस छानबीन में यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने रेकी और सटीक मुखबिरी के आधार पर वारदात को अंजाम दिया और भागने में सफल रहे।
बदमाश रास्ते से भी परिचित थे। इसीलिए उन्हें भागने में कोई दिक्कत नहीं हुई। 
मृतक श्याम के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक माता बख्श ने रूंधे गले से प्रदेश सरकार से मुआवजे और बहू को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि दोनों बेटियां अनाथ हो गईं, श्याम ही परिवार का खर्च चलाता था।
अगर मुआवजा और सरकारी नौकरी नहीं मिली तो उनका परिवार सड़क पर आ जाएगा। 

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