महिलाओं के
अमित शाह ने शनिवार को राज्य के कन्नूर जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां धार्मिक मान्यताओं और राज्य सरकार की क्रूरता के बीच जंग छिड़ी हुई है और इसमें भाजपा सबरीमाला के भक्तों के साथ है जो
इस मंदिर में 10-50 साल की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके बावजूद भक्त और मंदिर प्रशासन उन्हें सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन करने से रोक रहे हैं।
स्वामीय शरणम् अयप्पा के मंत्र से अपने भाषण की शुरुआत करने वाले शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में चल रही क्रूरता को रोकना ही होगा।
उन्हें समझना होगा कि राज्य की महिलाएं भी शीर्ष अदालत के इस निर्णय के खिलाफ हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केरल सरकार सबरीमाला मंदिर और
हिंदू परंपराओं को नष्ट करने की कोशिश कर रही है, लेकिन भाजपा उन्हें हिंदू भावनाओं के साथ जुआ खेलने की इजाजत नहीं देगी।
शाह ने कहा कि सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं की रक्षा करते हुए सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने वाले भाजपा, आरएसएस एवं अन्य संगठनों के 2000 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने केरल सरकार पर आरोप लगाया कि वह पुलिस की ताकत से आंदोलनकारियों को दबाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की राज्य सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
शाह ने कहा कि केरल की कम्युनिस्ट सरकार मंदिरों के खिलाफ साजिश कर रही है। इस सरकार ने राज्य में आपातकाल जैसे हालत पैदा कर दिए हैं।
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उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी केरल सरकार ने कोर्ट के कई आदेशों को लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही अमल में लाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि केरल का कन्नूर जिला कम्युनिस्ट और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष का गवाह रहा है।

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