राजस्थान
राज्य विधानसभा के अब तक का इतिहास देखें तो सदन में दागियों की तादाद में बढ़ोतरी के साथ ही करोड़पति विधायकों की संख्या में भी कुछ सालों से अच्छा खासा इजाफा हुआ है। लेकिन इन सबसे इतर अगर किसी चीज में इजाफा नहीं हुआ तो वो है विधायकों की शैक्षणिक योग्यता का स्तर।
प्रदेश में पिछले कुछ साल में हुए राजनीतिक बदलावों के बीच जहां बागियों और दागियों की संख्या में इजाफा हुआ है, वहीं कई ऐसे विधायकों की तादाद भी बेतहाशा बढ़ी है, जो संपत्ति के लिहाज से अच्छे-खासे रईस हैं।
विधायकों द्वारा दिए गए अपनी संपति के ब्यौरे और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिर्फोंस (एडीआर) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा के 157 विधायकों में से 115 विधायक करोड़पति हैं, वहीं कांग्रेस के 25 में से 16, निर्दलियों में 7 में से 4, राजपा के 4 में से 4, जमींदारा पार्टी के 2 में से 1 और बसपा के 2 में से 1 विधायक करोड़पति हैं।
इस हिसाब से कुल 197 विधायकों में से 141 विधायकों के नाम करोड़पतियों की श्रेणी में है। साथ ही, इनकी साथ में कुल 72 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। आंकडों के मुताबिक, जमींदारा पार्टी की विधायक कामिनी जिंदल सबसे अधिक पैसे वाली विधायक है।
2008 में विधायकों की औसत संपत्ति 2 करोड़ 8 लाख 56 हजार 474 रुपये थी, जो कि 2013 में बढ़कर 5 करोड़ 81 लाख 44 हजार 654 रुपये हो गई। वर्तमान में प्रदेश के 141 विधायक ऐसे हैं, जो संपत्ति के मामले से रईस हैं। इन विधायकों की संपति लाखों में नहीं करोड़ों में हैं।
इनकी संपति 198 करोड़ 42 लाख 60 हजार 802 रुपये है। वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह है,जिनकी संपति 118 करोड़ 96 लाख 54 हजार 123 रुपये है। तीसरे नंबर पर बीजेपी के प्रेमसिंह बाजौर है। बाजौर की संपति 87 करोड़ 70 लाख 22 हजार 406 रुपये की है।
चौथे नंबर पर बीजेपी के ही गोपाल कृष्ण व्यास है। व्यास की संपति 27 करोड़ 88 लाख 7 हजार 215 रुपये है। संपत्ति के मामले में पांचवें नंबर पर कांग्रेस के राजेन्द्र यादव है, जिनकी संपति 27 करोड़ 39 लाख 3 हजार 326 रुपये है।
आंकड़ों के अनुसार 200 में से 6 विधायक साक्षर है, जबकि 8 विधायक 5वीं कक्षा पास है। वहीं 14 विधायक 8वीं पास, 19 विधायक 10वीं पास, 24 विधायक 12वीं पास, 42 विधायक ग्रेज्युएट, 35 विधायक प्रोफेशनल ग्रेज्युएट, 40 विधायक पोस्ट ग्रेज्युएट, 6 विधायक डॉक्ट्रेट, 4 विधायक अन्य और 1 विधायक द्वारा अपनी शैक्षणिक योग्यता का ब्यौरा नहीं दिया जाना बताया गया है।
दागी विधायकों की संख्या 2008 की तुलना में 2013 में 26 प्रतिशत तक बढ़ी है। 2008 में आपराधिक रिकार्ड वाले 46 प्रतिशत थे, जो बढ़कर वर्तमान में 72 प्रतिशत हो गए।
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बीजेपी के 25 विधायकों पर मामले दर्ज थे, जिनमें 16 गंभीर आपराधिक मामले थे। कांग्रेस के 6 विधायकों पर मामले दर्ज थे। 7 निर्दलीय विधायको में से 2 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है।

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