गुजरात
कच्छ जिले के मुंड्रा तालुका स्थित छासरा गांव में मंगलवार (23 अक्टूबर) की रात विभिन्न संप्रदाय के दो परिवारों के बीच संघर्ष में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, चार अन्य घायल हो गए।
पुलिस ने इसे सांप्रदायिक विवाद की जगह दो परिवार के बीच की पुरानी रंजिश बता रही है।
कच्छ पश्चिम के एसपी एमएस भाद्रा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “मंगलवार की रात करीब 10.30 बजे छासरा गांव के सरपंच सकीना बोलिया के घर के बाहर दोनों परिवार के लोग आमने-सामने आ गए थे।
इस दौरान दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया।” मृतकों की पहचान भरत चावडा, उसके भाई मंगल, चचेरे भाई चेतन और भार्गव, सरपंच सकीना के बेटे आबिद और उसके ससुर अदम के रूप में की गई है।
वहीं, भरत के छोटे भाई रितेश, चेचेरे भाई अतुल सहित सरपंच सकीना और उसके पति अरब इस झगड़े में घायल हो गए।
भाद्रा ने कहा, “यह झगड़ा दो परिवारों के बीच हुआ और इसे दो संप्रदायों के बीच के झगड़े के रूप में उछाला जा रहा है। झगड़े के बाद दोनों पक्ष के लोग अपने-अपने घायल रिश्तेदारों को इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
उसके बाद गांव में किसी तरह की हिंसा नहीं हुई। स्थिति नियंत्रण में है। बार्डर रेंज के पुलिस इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी गांव में कैंप कर रहे हैं।
एहतियात के तौर पर पुलिस जवान की एक कंपनी को गांव में तैनात किया गया है।” घटना के बाद दोनों परिवारों ने एक दूसरे के खिलाफ मुंड्रा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
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उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और दंगा के मामले में 15 व्यक्तियों को नामजद किया है। इनमें से 11 सकीना परिवार के हैं और चार चावडा परिवार के हैं।
रितेश चावडा द्वारा दर्ज कराए गए शिकायत के अनुसार, मंगलवार की रात मंगल और और चेतन ट्रैक्टर लेकर खेत पर जा रहे थे। तभी सरपंच का बेटा बोलेरे से आता है और मंगल को गाली देने लगता है। इसके बाद भरत कार से सरपंच के घर उनके बेटे की शिकायत करने जाते हैं। यहां सरपंच सकीना, उसके पति अरब और दूसरे लोग धारदार हथियार से भरत पर हमला कर देते हैं। वे मंगल, चेतन और भार्गव पर भी हमला करते हैं। इसके बाद जब घायलों को कार में रखकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की जाती है, तभी हत्या के इरादे से बोलेरो द्वारा कार में टक्कर मारा जाता है।

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