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नोएडा, । मोबाइल वॉलेट की नामी कंपनी पेटीएम का गोपनीय डाटा चोरी कर मालिक से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है।

 

मामले में नोएडा की थाना सेक्टर-20 पुलिस ने कंपनी की महिला वाइस प्रेसिडेंट, उसके पति और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला वाइस प्रेसिडेंट का नाम सोनिया धवन है। सोनिया धवन विजय शेखर की निजी सचिव भी थी।
उसने एक अन्य कर्मचारी देवेंद्र की मदद से कंपनी का गोपनीय डाटा चोरी कर लिया। इसके बाद वह कंपनी मालिक को ब्लैकमेल कर 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने लगी। इस पूरे प्रकरण में सोनिया का पति रूपक जैन भी शामिल है।
 कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व विजय शेखर शर्मा के भाई अजय शेखर शर्मा की शिकायत पर थाना सेक्टर 20 में इस मामले में रिपार्ट दर्ज हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी सितंबर महीने से कंपनी मालिक से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी न देने पर आरोपी कंपनी का गोपनीय डाटा सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे थे।
बताया जा रहा है कि कंपनी मालिक आरोपियों को दो लाख रुपये दे भी चुके थे। इसके बाद भी आरोपी अब भी कंपनी मालिक से 10 करोड़ रुपये की और मांग कर रहे थे।
आरोपियों की धमकी से परेशान होकर कंपनी मालिक विजय शेखर ने मामले में नोएडा पुलिस से शिकायत की थी।
उनकी शिकायत पर थाना सेक्टर-20 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस को आरोपियों के पास से काफी मात्रा में कंपनी का गोपनीय डाटा भी बरामद हुआ है।
मामले में पेटीएम कंपनी का कहना है कि नोएडा पुलिस ने फिरौती मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
इसमे पेटीएम की एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। कर्मचारी ने अपने सहयोगियों के साथ पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा का व्यक्तिगत डेटा लीक करने के बहाने उनसे पैसे निकालने का प्रयास किया था।
पुलिस के किसी निष्कर्ष पर पहुँचने तक पेटीएम अपने कर्मचारियों  के साथ है।
आरोप है कि सोनिया ने एमडी के मोबाइल और कंप्यूटर से कंपनी का गोपनीय डाटा चोरी किया था। इसके बाद वह कोलकाता में रहने वाले रोहित चोमल की मदद से कंपनी मालिक विजय शेखर को ब्लैकमेल कर रही थी।
रोहित अभी फरार है। कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व विजय शेखर शर्मा के भाई अजय शेखर शर्मा की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर 20 में इस मामले में रिपार्ट दर्ज हुई है।
विजय शेखर शर्मा सी-419ए टेलीकॉम कॉलोनी सेक्टर 62 में रहते हैं। इनके भाई व कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजय शेखर ने बताया कि प्रतीक लोरीयल सोसायटी सेक्टर 120 में रहने वाली सोनिया धवन कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट थी।
वह कंपनी में पिछले 10 वर्षो से जुड़ी हुई थी। आरोप है कि सोनिया ने साजिश के तहत उनके भाई की मोबाइल और कंप्यूटर से गोपनीय और निजी डाटा चोरी कर लिया।
इस साजिश में सोनिया का पति रूपक जैन और शाहदरा सूरजपुर निवासी कंपनी कर्मी देवेंद्र कुमार भी शामिल था।
अजय शेखर का आरोप है कि सोनिया, उसके पति रूपक जैन व कंपनी कर्मी देवेंद्र कुमार ने साजिश के तहत कोलकाता निवासी आरोपित रोहित चोमल को डाटा दिया था।
इसके बाद उसने 20 सितंबर को कंपनी के एमडी विजय शेखर को वट्सएप कॉल करके डॉटा को सार्वजिनक करने की धमकी देते हुए 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
इस पर कंपनी ने उसके दिये गए खाते में 10 अक्टूबर को चेक करने के लिये पहले 67 रुपये और बाद में 15 अक्टूबर को 2 लाख रुपये ऑन लाइन ट्रांसफर किये थे। इसके बाद आरोपित बातचीत करने पर 10 करोड़ रुपये और खाते में जमा कराने का दबाव बनाने लगा था।
अजय शेखर शर्मा का कहना है कि उनके भाई विजय शेखर को फंसाने के लिये सोनिया धवन ने अपने पति व कर्मचारी देवेंद्र के साथ मिलकर साजिश रची थी।
सोनिया, विजय शेखर की निजी सचिव होने के कारण हमेशा उनके साथ ही रहती थी और कंपनी के सभी कार्य के बारे में उन्हें जानकारी होती थीं। उन्हें मोबाइल और कंप्यूटर का पासवर्ड तक पता था।
इसी का फायदा उठाते हुए उसने निजी डाटा चोरी कर लिया। आरोपित उनकी प्रतिष्ठा और कारोबार को नुकसान पहुंचाना चाहते थे।
ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार हुई कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट सोनिया धवन के वकील प्रशांत त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने सोमवार दोपहर करीब 3 बजे सोनिया व देवेंद्र को सेक्टर 5 स्थित पेटीएम के दफ्तर से,
जबकि उनके पति को सेक्टर 120 स्थित घर से पकड़ा है। वह 4 बजे से थाने में हैं। वह सोनया और उनके पति से मिलना चाहते हैं। पुलिस पूछताछ की बात कह कर उन लोगों से मिलने नहीं दे रही है। उन लोगों से बातचीत के बाद ही आरोपों पर कुछ कह सकेंगे।
मामले में गौतमबुद्धनगर के एसएसपी डॉ अजयपाल शर्मा ने बताया कि पेटीएम कंपनी की तरफ से शिकायत की गई थी कि उनके यहां पर काम करने वाली महिला और उसके साथियों के द्वारा निजी डेटा चोरी किया गया है।
उसे सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए 20 करोड़ रुपये मांगे जा रहे हैं। रुपये नहीं देने पर आरोपित डाटा को सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे थे।
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शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर महिला और उसके पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एक अन्य आरोपित अभी फरार है। उसकी जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

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