मेरठ, । हाईवे स्थित ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में शुक्रवार रात दारोगा और उनकी अधिवक्ता मित्र के हंगामे के प्रकरण में रेस्टोरेंट संचालक भाजपा पार्षद मनीष चौधरी उर्फ मिंटू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

महिला अधिवक्ता ने पार्षद पर छेड़छाड़, मारपीट और लूटपाट करने का आरोप लगाया था।गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कंकरखेड़ा थाने में हंगामा किया। देर रात एसएसपी ने दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया था। 

गौरतलब है कि शुक्रवार रात परतापुर थाने की मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह महिला अधिवक्ता के साथ नशे में ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे। रेस्टारेंट संचालक भाजपा पार्षद मनीष चौधरी का आरोप है कि
खाना देर से आने को लेकर महिला अधिवक्ता ने हंगामा कर दिया और सामान फेंकने लगी।रेस्टोरेंट संचालक, मैनेजर व कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। इसके बाद उन्होंने दारोगा के साथ मारपीट कर दी।

मेरठ

सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दारोगा को थाने ले आई। दारोगा और महिला अधिवक्ता का मेडिकल भी कराया गया। इसमें शराब की पुष्टि हो गई।
सीओ दौराला पंकज कुमार सिंह ने बताया कि देर रात महिला वकील की तहरीर पर पुलिस ने भाजपा पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें तीन-चार अज्ञात आरोपित भी शामिल हैं। एसएसपी ने सीओ की रिपोर्ट पर दारोगा सुखपाल सिंह को देर रात लाइन हाजिर कर दिया।

पुलिस ने शनिवार सुबह आरोपित पार्षद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना पर भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुंचे और गिरफ्तारी का विरोध करते हुए हंगमा किया। पुलिस ने सबको शांत कर वापस भेज दिया।
हिरासत में बैठे भाजपा पार्षद ने आरोप लगाया कि सुबह चार बजे उन्हें थाने में लाया गया जहां परतापुर थाने के एसओ नीरज मलिक ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी आंख में चोट आई है। 
पार्षद की गुंडई पर भाजपाइयों ने दिया साथ
दारोगा के साथ मारपीट करने वाले रेस्टोरेंट मालिक व भाजपा पार्षद मुनीश चौधरी उर्फ मिंटू की गुंडई का भाजपा नेताओं ने भी शानिवार को खुलकर साथ दिया।
शुक्रवार रात में मुकदमा दर्ज के बाद पुलिस ने पार्षद को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद देर रात भाजपाई जबरन थाने में घुसे और पार्षद को अपने साथ ले जाने की ज़िद पर हंगामा किया।
शनिवार सुबह भाजपा के चार पार्षदों और स्थानीय भाजपा नेताओं के नेतृत्व में भारी भीड़ ने कंकरखेड़ा थाने पर धरना दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने भीड़ को समझा कर थाने से बाहर भेजा।
इसके बाद आरोपित भाजपा पार्षद को पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए गाड़ी में बैठाकर थाने से ले जाने लगी। 
थाने के बाहर पहुंचते ही भाजपाइयों ने पुलिस की गाड़ी रोकी और उसमें बैठे भाजपा पार्षद को जबरन पुलिस कस्टडी से छुड़ाने लगे। यही नहीं पुलिस ने जब गाड़ी को थोड़ा पीछे किया, तभी एक भाजपा नेता ने पुलिस जीप की चाबी निकाल दी।
चाबी को एक दरोगा ने छीनकर गाड़ी में लगाया। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस किसी तरह गाड़ी को वहां से ले गई। उसके बाद भाजपाइयों ने थाने के बाहर जमकर हंगामा किया।
पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जाम लगा दिया। जाम का यह आलम रहा कि पुल से थाने तक वाहनों की लाइन लग गई। एसपी सिटी ने कार्रवाई की बात की तो भाजपाई सड़क से हट पाए।
एसपी सिटी ने बताया की दारोगा ने भी अपनी तरफ से एक तहरीर दी है। दारोगा ने बताया है कि वह ड्यूटी पर था और ड्यूटी के दौरान भाजपा पार्षद और उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा डाली।
दारोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा पार्षद को ले जा रही पुलिस वैन की चाबी छीनने, गाड़ी का घेराव करने और जाम लगाने के मामले में भी तीसरा मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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पार्षद पक्ष की तरफ से भी तहरीर दी गई है, उस पर भी एफआइआर दर्ज कर जांच की जाएगी।

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