अंधविश्वास
पटना,। नवरात्रि के दौरान अंधविश्‍वास में हैवान बने बिहार के बांका में एक दंपती द्वारा अपने मासूम बेटे की बलि की चर्चा अभी जारी ही है कि

 

अररिया में भी एक कटा सिर मिलने की घटना को नरबलि से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घर में मिले सिर व धड़
मिली जानकारी के अनुसार अररिया के सिकटी थाना के भपटिया गांव में एक घर से कटा सिर बरामद हुआ। बाद में वहीं से धड़ भी मिल गया। शव की पहचान हो गई है।
लोग बलि देने की आशंका जता रहे हैं। सिर व शव गांव के मुसहरी टोला निवासी राजेश सदा के घर से मिले हैं।
शव की पहचान खोरागाछ आनंद टोला के जीवन लाल मंडल के रुप में  हुई है। राजेश सदा सपरिवार फरार है।
गला काट गाड़ दिया था शव
ग्रामीणों के अनुसार राजेश एवं जीवन लाल साथ -साथ तांत्रिक का काम करते थे। बुधवार की शाम राजेश जीवन लाल को बुलाकर अपने घर लाया था।
घर में गला काटकर शव मिट्टी के नीचे गाड़ दिया गया था।  पुलिस ने शव को भी बरामद कर लिया। मृतक का पुत्र मुकेश कुमार ने प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है।
विदित हो कि इस घटना के दो दिनों पहले भी बांका जिले के नक्सल प्रभावित बेलहर प्रखंड के टेंगरा गांव में एक तांत्रिक दंपती ने दुर्गापूजा के अवसर पर
तांत्रिक विधि से महाष्टमी पूजा अनुष्ठान करने के बाद अपने चार वर्षीय बेटे के सिर में कील ठोक कर उसकी बलि दे दी।

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घटना के बाद से तांत्रिक पति-पत्नी फरार हो गए हैं। बांका में मासूम बेटे की इस नरबलि की घटना से भी लोग सिहर गए थे।

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