चीन
ईटानगर, । चीन ने तिब्‍बत के रास्‍ते भारत में बहने वाली बह्मपुत्र नदी का पानी रोक लिया है। अरुणाचल प्रदेश से कांग्रेस के सांसद निनोंग एरिंग ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज और केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुन राज मेघवाल को इस बात से अवगत कराया है।

 

साथ ही इस मामले में हस्‍तक्षेप कर अरुणाचल के लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने की मांग की है।
चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में घुसपैठ की खबरें आए दिन आती रहती हैं। लेकिन चीन अब बह्मपुत्र का पानी रोक रहा है। बह्मपुत्र का पानी भारत में नहीं पहुंच रहा है, जिसकी वजह से अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्‍सों में सूखे जैसे हालात हो गए हैं।
अगर जल्‍द ही इस समस्‍या को नहीं सुलझाया गया, तो हालात काफी खराब हो सकते हैं। जानकार इसे चीन की नई चाल बता रहे हैं।
एरिंग ने सुषमा स्‍वराज और अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखकर इस समस्‍या की जानकारी दी है।
उन्‍होंने पत्र में बताया कि ब्रह्मपुत्र का पानी रुक जाने से अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग, यिंगकियोंग और पासीघाट इलाके में इसके कारण सूखे के हालात पैदा हो गए हैं।
बता दें कि चीन ने तिब्बत में बहने वाली यारलुंग सांगपो नदी का पानी रोक दिया है। ये नदी जब अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है तो इसे सियांग के नाम से पुकारा जाता है। वहीं आगे चलकर असम में ये ब्रह्मपुत्र के नाम से जानी जाती है।
कांग्रेस सांसद ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि चीन के जल संसाधन मंत्रालय की जानकारी के अनुसार इस नदी के मिलिन क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है,

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जिसकी वजह से 16 अक्टूबर से ब्रह्मपुत्र की मुख्यधारा प्रभावित हुई है। बता दें कि हाल ही में भारत और चीन के बीच यारलुंग सांगपो नदी के पानी के आंकड़े साझा करने का करार हुआ था।

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