गुजरात
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को झटका लगा है। कांग्रेस के कद्दावर नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के बेटे महेंद्र सिंह वाघेला ने गुरुवार (18 अक्टूबर) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन छोड़ दिया।
महेंद्र इसी साल जुलाई में कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी का हिस्सा बने थे। यानी उन्हें पार्टी में लगभग तीन महीने हुए थे कि उन्होंने इससे भी अपना नाता तोड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी को अलविदा कहने के बाद उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा, “मैं अब पिता की मदद करूंगा।”
आपको बता दें कि राज्य में शंकर का नाम क्षत्रिय समाज में बड़ा नेता के रूप में गिना जाता है। वह कुछ वक्त से बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले थे। ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञ अंदाजा लगा रहे थे कि

उनके बेटे भी बीजेपी में अधिक वक्त नहीं बिताएंगे। महेंद्र को गुजरात के वित्त मंत्री नितिन पटेल और बीजेपी नेता जीतू वाघाणी ने पार्टी में शामिल कराया था।
बेटे के कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने पर पिता ने तब प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। कहा था, “मुझे लगता है कि बेटे ने बीजेपी के अपने दोस्तों के दबाव में आकर यह फैसला लिया।”
नाराजगी जताते हुए पिता ने यह तक कह दिया था कि महेंद्र को जिस पार्टी में भी जाना हो, वह अपने कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन बुलाएं और फिर उन्हीं से पूछकर उस पर निर्णय लें।
बीजेपी से पहले वह उत्तर गुजरात की बायड सीट से कांग्रेस के विधायक थे। उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद दर्जन भर कांग्रेसियों ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया था।

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पिता शंकर सिंह वाघेला ने तब उन्हें धमकी तक दे डाली थी कि अगर बेटा अपना फैसला नहीं बदलेगा, तो वह उससे अपने सभी प्रकार के रिश्ते तोड़ लेंगे।

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