कर्जमाफी का
मध्यप्रदेश/भोपाल। सरकार ने किसानों की कर्जमाफी का ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया है, इसका प्रेजेंटेशन गुरुवार को कमलनाथ कैबिनेट की दूसरी बैठक में अधिकारियों ने दिया।
मंत्रालय भवन में हुई कैबिनेट की बैठक में कृषि और सिंचाई के मुद्दे पर चर्चा हुई। कैबिनेट में किसानों को उर्वरक की आपूर्ति और उसमें आ रही दिक्कतों पर भी मंथन हुआ।
वहीं, सरकार कर्जमाफी के लिए तय तारीख 31 मार्च को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर किया जा सकता है। इससे प्रदेश के लाखों किसानों को फायदा मिलेगा। कैबिनेट की अगली बैठक 5 जनवरी को रखी गई है, जिसमें कर्जमाफी का प्रस्ताव लाया जाएगा।
कमलनाथ सरकार के फैसले के तहत उन किसानों को कर्जमाफी का फायदा मिलेगा, जिन्होंने राज्य में स्थित सहकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों से शॉर्ट टर्म लोन लिया है। ऐसे किसानों का 31 मार्च 2018 की स्थिति के अनुसार 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ होगा।
इसका फायदा राज्य के 21 लाख किसानों को मिल सकता है। वहीं, राज्य सरकार के खजाने पर 15 हजार करोड़ रुपए का भार आ सकता है। वैसे 30 सितंबर 2018 की स्थिति के मुताबिक राज्य के 40 लाख किसानों का 57 हजार करोड़ रुपए का कृषि ऋण बकाया है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिंचाई सुविधाओं के संबंध में भी कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने रबी की फसल के लिए सिंचाई के महत्व को देखते हुए ट्रांसफार्मर के फेल होने पर उसे बदलने का काम तत्परता से करने के निर्देश दिए।
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ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान बिजली उपभोक्ताओं को पर्याप्त एवं निरंतर बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव बीपी सिंह को प्रशस्तिपत्र भेंट किया।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कैबिनेट ने सराहना की और उनके सुखद, सुदीर्घ जीवन की कामना की। सिंह की ये अंतिम कैबिनेट बैठक थी। 31 दिसंबर को बीपी सिंह रिटायर हो रहे हैं।

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